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अस्पताल से 32 किमी दूर बैठे डॉक्टर ने ऐसे किया दिल का ऑपरेशन

Date : 2018-12-06 11:48:00 AM

नई दिल्ली-(06-12-2018)-अस्पताल से 32 किमी दूर बैठे डॉक्टर ने एक महिला की हार्ट की सर्जरी की है। आपको इस खबर पर यकीन नहीं होगा लेकिन ये सच है। और ये सबकुछ हुआ है रोबोटिक सर्जरी के जरिए।  गुजरात में एक डॉक्टर ने गांधीनगर में बैठकर अहमदाबाद के एक अस्पताल में रोबोट के जरिए हृदय की सर्जरी कर रिकॉर्ड कायम किया। उनका दावा है कि 35 किलोमीटर दूर बैठकर ऑपरेशन करने का यह दुनिया का पहला मामला है।अहमदाबाद के एपेक्स इंस्टीट्यूट के चेयरमैन और चीफ इंटरवेंशन कार्डियोलोजिस्ट डॉ. तेजस पटेल गांधीनगर के अक्षरधाम में थे, जबकि मरीज 35 किलोमीटर दूर अहमदाबाद के एपेक्स हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती था। ऑपरेशन कर उसके हृदय में वाल्व लगाया गया। पूरा ऑपरेशन एक रोबोट के जरिए किया गया। डॉ. पटेल दूर बैठकर इंटरनेट के माध्यम से इस ऑपरेशन को संचालित करते रहे। सफल सर्जरी के बाद डॉ.पटेल ने बताया कि रिमोट रोबोटिक पीसीआई का फर्स्ट-इन-ह्यूमन मामला इंटरवेंशन चिकित्सा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। दुनिया भर में स्ट्रोक सहित दिल की बीमारियों के कारण हर साल लगभग 1.8 करोड़ मौतें होती हैं। दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के मामले में मरीज को जल्द से जल्द विशेष इलाज की जरूरत होती है।


डॉक्टर तेजस पटेल ने स्वामीनारायण मंदिर अक्षरधाम से अहमदाबाद के एपेक्स हार्ट इंस्टीट्यूट में मरीज का टेलीरोबोटीक टेकनिक से हार्ट सर्जरी को अंजाम दिया। जिस वक्त यहां ऑपरेशन हो रहा था, उस वक्त मरीज के साथ दूसरे डॉक्टर भी मौजूद थे। यह पूरी सर्जरी इंटरनेट के जरिए अंजाम दी गई। डॉक्टर तेजस पटेल के मुताबिक यह तकनीक मेडिकल साइंस में एक बड़ा बदलाव ला देगी। टेलीरोबोटिक्स में ऐसे मरीजों को इलाज उपलब्ध कराकर बचाने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि टेली रोबोटिक कोरेनरी इंटरवेंशन दिल की बीमारियों के मामले में ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों तक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जो इन सेवाओं से वंचित है।एक रिसर्च के मुताबिक, दुनिया भर में स्ट्रोक सहित दिल की बीमारियों के कारण हर साल लगभग 18 लाख मौतें होती हैं। टेलीरोबोटिक्स में ऐसे मरीजों को इलाज उपलब्ध करा कर बचाने की क्षमता है। डॉक्टर तेजस पटेल का कहना है कि इस सर्जरी से ग्रामीण भारत में दिल की बिमारियोंको लेकर भी तस्वीर बदल जाएगी, जहां एक्सपर्ट डॉक्टर ग्रामीण इलाकों में नहीं जाना चाहते हैं। खास बात यह है कि सिर्फ कैथलैब और एक सर्जन के जरिए ऐसी सर्जरी को आसानी से अंजाम दिया जा सकता है। पद्मश्री से सम्मानित डॉ. तेजस पटेल का कहना है कि यह तकनीक फिलहाल भारत और दुनिया में लॉन्च की गई है, जिसे दिल की सर्जरी में 40 से 50 हजार तक का खर्च बढ़ सकता है लेकिन ये पूरी तरह मार्केट में आ जाने के बाद दिल की सर्जरी के दाम में भी कटौती हो जाएगी। एक्सपर्टडॉक्टर सिर्फ कंप्यूटर और रोबोट की मदद से ऑपरेशन को अंजाम दे रहे होंगे।