BREAKING NEWS

image caption:

नेक कमाई से बनेगा शरीफ इंसान,नशा त्याग कर खोली करियाने की दुकान

Date : 2018-12-05 05:12:00 PM

जालंधर-(रवि गिल साहिल मल्होत्रा)-शहर के मशहूर जय और वीरू की पोल खोलने वाले नशा तस्कर टोनी ने आखिर जुर्म की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। हक हलाल की रोटी खाने के लिए अब उसने भागर्व कैंप में किरयाने की दुकान खोली है। बुधवार को इस दुकान का उद्घाटन शिवसेना बाला ठाकरे के पंजाब प्रवक्ता सुभाष गोरिया करेंगे। उद्घाटन से एक दिन पहले टोनी ने अपनी दुकान पर बातचीत करते हुए बताया कि जय-वीरू के नाम से मशहूर शहर के दो पुलिसवालों ने सालों तक उसे चक्रव्यूह में फंसाकर रखा था। शिवसेना नेता सुभाष व जालंधर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डीसीपी क्राइम गुरमीत सिंह ने उसे इस चक्रव्यूह से निकाल नेक जिंदगी जीने का मौका दिया।टोनी ने कहा कि दोनों पुलिसवाले उसके साथ मिलकर जालंधर की बस्तियों में शराब बिकवाते थे। रोजाना का धंधे से पचास हजार बचता था। दोनो ने धंधे के 48 लाख अकेले हड़प गए। 


इसके बाद जब उसने नशे का धंधा करने से मना कर दिया तो उन्होंने तंग करना शुरू कर दिया। इसके बाद पांच फर्जी मामले दर्ज करवा दिए। कई बार रात में घर से सोते हुए उठाकर ले गए और फर्जी मामला दर्ज कर दिया।शिव सेना बालठाकरे के पंजाब प्रवक्ता सुभाष गोरिया से उसकी मुलाकात हुई और उन्हें सारी अपनी कहानी बताई। इसके बाद शिव सेना गोरिया उसे पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर के पास ले गए। वहां से भी जय वीरू की जोड़ी में शामिल एक पुलिसवाला अपने साथी पुलिसवालों की मदद से उसे कमिश्नर कार्यालय परिसर से जबरदस्ती उठवा कर ले गया।

 गोरिया ने सारा मामला सीपी भुल्लर के ध्यान में लाया तो उसे छोड़ा गया। बाद में उसकी सारी दुख तकलीफ सुनी और उसे आश्वासन दिलाया कि अगर वो गलत रास्ते पर नहीं चलेगा तो पुलिस कोई मामला दर्ज नहीं करेगी। दोनों पुलिस वालों के खिलाफ जांच शुरू सीपी भुल्लर ने सारे मामले की जांच डीसीपी क्राइम गुरमीत सिंह को सौंप दी।उसने दोनों पुलिसवालों के सारे काले कारनामों के बारे में लिखित बयान दर्ज करवाए और मामलों से जुड़े सभी सुबूत और फोटोग्राफ उनको सौंपी। दोनों पुलिस वालों के खिलाफ अब जांच शुरू कर दी गई है। डीसीपी गुरमीत सिंह ने उसे कहा कि उसके साथ पूरा इंसाफ किया जाएगा और उसे नेकी की जिंदगी जीने का पूरा हक है। कोई उसे नशे का धंधा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।