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बिस्‍तर लगाकर रात भी वहीं गुजारी गन्ना किसानों ने,यातायात बंद

Date : 2018-12-05 02:55:00 PM

जालंधर-(रवि गिल,सुशिल हंस)-पंजाब में गन्‍ना किसानों के आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया है। अपने गन्‍ना के बकाये के लिए किसान चीनी मिलाें के समक्ष धरना देेने के बाद सड़कों पर उतर अाए हैं। हजाराें किसान फगवाड़ा- जालंधर नेशनल हाईवे पर डेरा डाल दिया है। इस कारण बुधवार को भी हाइवे पर यातायात पूर तरह ठप है। किसानों ने मंगलवार की पूरी रात हाइवे पर गुजारी और अब भी बिस्‍तर लगाकर डटे हुए हैं।दोआबा क्षेत्र में गन्ना किसानों के आंदोलन से अफरातफरी आैर तनाव की हालत है। गन्ने की 417 करोड़ रुपये की बकाया राशि को लेकर कई दिनों से चीनी मिलों के बाहर धरने पर बैठे किसान मंगलवार को उग्र हो गए थे। कपूरथला में किसानों ने पहले फगवाड़ा के वाहद संधर शुगर मिल के पास धरना दिया। फिर वे फगवाड़ा-जालंधर नेशनल हाईवे पर आ डटे। हजारों की संख्या में किसानों ने मंगलवार को सारी रात बिस्‍तर लगा कर गुजारी।बुधवार सुबह से भी ऐसी ही हालत बनी हुई है और यातायात पूरी तरह से बाधित है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी किसानों को मनाने में सुबह से ही जुटे हुए हैं, लेकिन वे टस से मस होने को तैयार नहीं हैं। 


उनका कहना है कि उनके बकाये का तुरंत भुगतान किया जाए, इसके बाद ही वे यहां से हटेंगे। हजारों गन्ना किसानों ने पंजाब सरकार की नीतियों के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि कर्जमाफी के नाम पर छला जा रहा है और किसानों के करोड़ों रुपये नहीं देकर उनको मौत की ओर धकेला जा रहा है।नेशनल हाईवे नंबर-1 से लेकर स्थानीय सर्विस सड़कों तक चारों तरफ ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर पुलिस हाईवे की ओर आ रहे किसानों के काफिलाें को रोक रही है। इससे किसानों में रोष है और वे धरने में शामिल होने के लिए हाइवे पर जाने देने की मांग कर रहे हैं।उधर, होशियापुर जिले के दसूहा में एबी शुगर मिल के बाहर गन्ने से लदीं ट्रालियां लेकर चार दिन से धरने पर बैठे हैं। सोमवार रात को 450 किसानों पर नेशनल हाईवे जाम करने के आरोप में केस भी दर्ज किया गया था। इसके बावजूद किसानों ने धरना जारी रखा। कपूरथला में स्थिति बिगड़ती देख भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। डीसी मोहम्मद तैय्यब व एसएसपी सतिंदर सिंह रात को किसानों से बात करते रहे, लेकिन उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें भुगतान नहीं किया जाता, वे नहीं हटेंगे। गुरदासपुर से भी किसान फगवाड़ा पहुंच गए हैं। बुधवार सुबह से भी अधिकारी किसानों से बातचीत मेें लगे हैं।