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फ्रांस में हालत बिगड़ने के कारण कभी भी लग सकती है इमरजेंसी

Date : 2018-12-03 01:07:00 PM

फ्रांस पिछले एक दशक की सबसे भयंकर आशांति के दौर से जूझ रहा है । हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि देश के युवा सड़कों पर हैं और सरकारी संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं। राजधानी पेरिस में कई वाहनों और सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया है। सरकार स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है, लेकिन हालात में सुधार होते हुए नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में सरकार देश में आपातकाल लागू करने पर विचार कर रही है। बता दें कि पैरिस में महंगाई बढ़ने और पेट्रोल के दाम बढ़ने के खिलाफ पिछले 2 हफ्तों से प्रदर्शन चल रहा है। इस प्रदर्शन को 'येलो वेस्ट' का नाम भी दिया गया है। प्रदर्शनकारी पीले रंग की वेस्ट पहनकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन शनिवार को उस समय उग्र हो गया, जब इनमें से कुछ लोगों ने वाहनों और बिल्डिंगों में आग लगानी शुरू कर दी।फ्रांस की पुलिस की ओर से शेयर किए जा रहे विडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस के वाहनों को निशान बनाते और उनके शीशे तोड़ते देखा जा सकता है। एक अन्य वीडियो में जलती हुई कारें और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागते देखे जा सकते हैं।

पैरिस में प्रदर्शन कर रहे 288 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि लगभग 100 लोग घायल हो गए। पुलिस प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया कि शनिवार को पेट्रोल और पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों और हाइड्रोकार्बन टैक्स बढ़ाने के विरोध में बड़ी संख्या के लोगों के सड़कों पर उतरने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।इसे लेकर राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री और आंतरिक मामलों के मंत्री के साथ रविवार शाम को मीटिंग करने वाले हैं। इस मीटिंग में दंगाइयों से निपटने और प्रदर्शन करने वालों से बातचीत का रास्ता निकालने पर चर्चा होगी। परेशानी इस बात की है कि इन प्रदर्शनकारियों का कोई चेहरा नहीं है, जिससे सरकार बात कर सके।जब आपातकाल लागू करने को लेकर सरकार के प्रवक्ता से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार के पास यह भी एक विकल्प है। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को हुआ प्रदर्शन तीसरे सप्ताह लगातार हुआ इस तरह का प्रदर्शन है। इसमें अनुमानित रूप से 36,500 लोगों ने हिस्सा लिया। बीते सप्ताह हुए एक और प्रदर्शन में 53,000 लोगों ने हिस्सा लिया था जबकि उसके एक सप्ताह पहले हुए प्रदर्शन में लगभग 113,000 लोग शामिल हुए थे। गृह मंत्री क्रिस्टोफ कैस्टनर ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि 1,500 उपद्रवी शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लगभग 200 लोगों के समूह में घुस गए और चैम्पस एलिसीस के पास उग्र हो गए।