BREAKING NEWS

image caption:

अनिवार्य सैन्य सेवा को सेना प्रमुख ने किया खारिज, कही ये बातें

Date : 2018-11-29 03:27:00 PM

नई दिल्ली-(29-11-2018)-देश में अनिवार्य सैन्य सेवा की किसी भी तरह की संभावना को सेना प्रमुख बिपिन रावत ने सिरे से खारिज कर दिया है। बिपिन रावत ने इसे देश हित के खिलाफ बताया है। बिपिन रावत का मानना है कि इससे बेहतर होगा की एनसीसी को देश में बढ़ावा दिया जाना चाहिए। गौरलब है कि पिछले दिनों रक्षा मामले पर बनी स्टैंडिंग कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सरकारी नौकरी से पहले किसी के लिए भी पांच साल की सैन्य सेवा अनिवार्य कर दी जाए।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का कहना है कि देश की आबादी को देखते हुए अगर अनुशासन लाना है तो उसके लिए एनसीसी में काफी संभावना है। उन्होंने कहा कि एक या दो साल के लिए मिलिट्री सर्विस कंपलसरी करने की दो दिक्कतें हैं। पहली यह कि देश की आबादी को देखते हुए मिलिटरी एक-दो साल के लिए सबको ट्रेंड नहीं कर सकती।  साथ ही उन्होंने कहा कि डर यह भी है कि देश में इस तरह की आाबादी होना जो हथियार चलाने में ट्रेंड हो, यह एक खतरनाक विकल्प है। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर है कि एनसीसी का विस्तार किया जाए।

कश्मीर में तनावपूर्ण हालात के लिए आर्मी चीफ रेडिकलाइजेशन को वजह मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब शाम को लोग स्कूल-कॉलेज से घर आते हैं तो करने को कुछ नहीं होता है, या तो टीवी देखते हैं या फोन पर मेसेज। इन मेसेज के जरिए नेगेटिव चीजें उनके दिमाग में डाली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह कहा जाता है कि वहां विकास नहीं हो रहा है लेकिन विकास शांति से ही आएगा। जो कहते हैं कि जॉब के मौके नहीं हैं उन्हें यह देखना चाहिए कि कश्मीर में पैसों की कमी नहीं है, सरकार ने काफी फंड दिया है जो सबके लिए पर्याप्त है। अगर यूपी, पंजाब या दूसरे राज्यों में देखें तो वहां भी बेरोजगारी है लेकिन क्या वहां लोगों ने स्टेट के खिलाफ बंदूकें उठा ली हैं? जनरल रावत ने कहा कि यह कश्मीर में इसलिए हो रहा है क्योंकि वहां रेडिकलाइजेशन हो रहा है। कश्मीर में जो झूठ फैलाया जा रहा है कि उनके साथ भेदभाव हो रहा है उसे काउंटर करने की जरूरत है।