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चालान भुगतने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर,अब नहीं लगेंगी लंबी लाइनें,

Date : 2018-11-28 02:24:00 PM

जालंधर-(रवि गिल,सुशिल हंस)-चालान भुगतने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब चालान भरने के लिए लोगों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। पहले एक काउंटर के जरिये चालान का भुगतान किया जाता है। लोगों की समस्याओं को देखते अब इसके लिए तीन काउंटर खोल दिए गए हैं।रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) में वाहनों के चालान के लिए दूसरा काउंटर शुरू करने के साथ ही फीस जमा करने का काउंटर अलग से शुरू कर दिया गया है। इससे चालान भुगतने के लिए आ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है।गौरतलब है कि दैनिक जागरण ने इस संबंध में लोगों की परेशानी को देखते हुए इस मुद्दे को उठाया था। 20 नवंबर को विधायक सुशील रिंकू ने इस मामले में आरटीए कंवलजीत सिंह से नाराजगी भी जताई थी। गौरतलब है कि आरटीए में चालान भुगतना बड़ी समस्या बन गया था, पुलिस औसतन हर रोज 375 लोगों के चालान कर रही है, जबकि आरटीए में हर रोज अधिकतम 200 चालान ही भुगते जा रहे थे, जिसके चलते तीन-तीन महीने से लोग चालान भुगतने के लिए भटक रहे थे, 


कई-कई दिन उन्हें लाइन में घंटों लगने के बाद बैरंग लौटना पड़ा था, दलाल पूरी तरह से हावी थे, ये सच कुछ सचिव आरटीए कंवलजीत सिंह के नाक के नीचे चल रहा था, लेकिन वे लगातार मामले की अनदेखी कर रहे थे।20 नवंबर को विधायक सुशील रिंकू की नाराजगी का भी सचिव पर कोई असर नहीं हुआ, इस बीच 21 नवंबर को कुछ लोगों ने चालान भुगतने के नाम पर कई लोगों से मोटी राशि ऐंठकर भूमिगत हुए एक दलाल को चालान विंडो के पास पकड़कर धुन डाला था। उस दिन तो मामला किसी तरह निपट गया, अगले दिन दलाल की धुनाई करने वाला एक व्यक्ति दोबारा चालान भुगतने पहुंचा तो आरटीए के मुलाजिमों ने 10 मिनट में ही उसका चालान भुगतवा दिया था, जबकि वह डेढ़ महीने से लाइन में लग रहा था। 23 नवंबर के अंक में दैनिक जागरण ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया, इसका साफ असर सोमवार को आरटीए में देखने को मिला। सोमवार को दफ्तर खुला तो चालान के तीन काउंटर खुले हुए थे, जिनमें दो काउंटर पर थानों को बांटकर चालान किया जा रहा था, जबकि फीस काउंटर के लिए अलग से काउंटर बनाया गया था, ये सुविधा मिलने के बाद सोमवार को किसी भी काउंटर पर भीड़ नहीं दिखी। लोग आसानी से चालान भुगतते रहे।