BREAKING NEWS

image caption:

इन 8 तरीकों से आपको फंसा सकते हैं साइबर अपराधी

Date : 2018-11-28 12:27:00 PM

टैक्स सीजन अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि साइबर अपराधी आपकी इंफर्मेशन हासिल नहीं कर सकते। वे फोन या फिर सबसे लोकप्रिय तरीके ईमेल के जरिए आपको अपनी जाल में फंसा सकते हैं। आप भी इन्हें समझिए और इससे सावधान रहिए:आरबीआई, सरकारी एजेंसियां और बैंक वर्षों से ऐसी ईमेल के बारे में आगाह करते आए हैं, लेकिन इसके बावजूद यह बड़ी समस्या बनी हुई है। कई फर्जी ईमेल भेजी जाती हैं, जिनके बारे में लगता है कि उन्हें आरबीआई या आपके बैंक ने भेजा है। इसमें आपको एक वेबसाइट को विजिट कर अपने अकाउंट को अपडेट करने को कहा जाता है। वेबसाइट को विजिट करने के बाद आपसे पर्सनल इंफर्मेशन शेयर करने को कहा जाता है।फर्जीवाड़ा करने वाले आरबीआई अधिकारी बनकर आम लोगों को फोन करते हैं और उनसे जानकारियां मांगते हैं। ऐसे लोग पहले आपके बारे में कहीं और से कुछ सूचनाएं जुटाते हैं और उसके बाद फोन करते हैं। ऐसा इसलिए ताकि आप उनके आरबीआई से होने के दावे पर यकीन करें। हाल में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। ध्यान रखें कि रिजर्व बैंक कभी लोगों से संपर्क करके जानकारियां नहीं मांगता।हैकिंग, डेटा ब्रीच या फिशिंग ईमेल से अपराधी आपकी जानकारियां चुरा सकते हैं। ऐसे में अगर उनके पास आपका पैन नंबर और कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हैं तो वे आपके नाम से फर्जी टैक्स रिटर्न भी फाइल कर सकते हैं।टैक्स सलाहकार के रूप में भी धोखेबाज मौजूद है।


 ये आपके रिफंड को हजम करने के लिए टैक्स रिटर्न में लॉस की रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं। इससे बचने का तरीका यह है कि टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले के बारे में आपको पता होना चाहिए। साथ ही, रिटर्न फाइल किए जाने से पहले उसे एक बार जरूर देखना चाहिए।एक पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क से कोई भी आपके डेटा तक पहुंच सकता है। इसलिए कॉफी शॉप में बैठकर कभी टैक्स फाइल न करिए। न ही बैंक से जुड़ा कोई काम करिए। इनसे बचने के लिए आप एक वीपीएन का इस्तेमाल कर सकते हैं।अगर आपने किसी लॉटरी में हिस्सा नहीं लिया है तो किसी भी ऐसे ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें, जिसमें आपको आकर्षक प्राइज जीतने की बधाई दी जा रही हो। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचिए क्योंकि हो सकता है कि यह आपके सिस्टम में कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर दे, जो आपकी सभी प्राइवेट डेटा को साइबर क्रिमिनल तक पहुंचा दे।बैंकों के पास चूंकि चोरी या किसी अन्य तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए कई टूल्स होते हैं, ऐसे में क्रिमिनल्स अब कंपनियों को निशाना बना रहे हैं। जैसे किसी कंपनी के एचआर को सीईओ की तरफ से लेटर जाता है, जिसमें सभी एंप्लॉयीज की टैक्स संबंधी जानकारी मांगी गई होती है। असल में यह ईमेल किसी सायबर अपराधी ने भेजी होती है। वह सीईओ के एकाउंट को हैक करके ईमेल भेजता है।आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स तक पहुंचने के लिए ईमेल का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, लेकिन इसने हैकर्स के हाथ एक नया मौका लग गया है। आयकर विभाग के नाम पर आपके पास आने कई ईमेल फर्जी हो सकती हैं। अगर आपको लगता है कि ईमेल में जो टैक्स मेल भेजी गई है, वह सही नहीं है तो उसका भुगतान करने से पहले अपने नजदीकी आयकर विभाग ऑफिस से संपर्क करें।