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कैप्‍टन अमरिंदर ने इमरान खान को कहा शुक्रिया, पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख को कोसा

Date : 2018-11-26 03:14:00 PM

गुरुदासपुर -(26-11-2018)-पंजाब के मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब सड़क गलियारे की आधारशिला कार्यक्रम में पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर बाजवा को सख्‍त चेतावनी दी। अमरिंदर ने कहा कि पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख बाजवा याद रखें कि हमारी रगों में भी पंजाबियों का खून बहता है। अगर वह पंजाब में कोई गड़बड़ करने की कोशिश करेंगे तो उन्‍हें सबक सिखाया जाएगा।उन्‍होंने कहा, 'मैं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का धन्यवाद करना चाहता हूं लेकिन इसके साथ ही पाकिस्तानी फौज के मुखिया जनरल बाजवा को एक संदेश भी देना चाहता हूं। मैं भी फौज में रहा हूं। यह जो पाकिस्‍तान में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ हैं, वह सर्विस में मुझसे बहुत पीछे हैं। मैं तो जनरल मुशर्रफ से भी सीनियर हूं। उनका कमिशन 1964 में हुआ था मेरा 1963 में। यहां सीनियर जूनियर की बात करना जरूरी नहीं। मैं यह इसलिए कहना चाहता हूं कि हर फौजी को पता है कि दूसरा फौजी क्या सोच रहा है।'कैप्‍टन ने कहा, ' हम फौज में रहे हैं तो अपने देश की रक्षा हमेशा हमारे दिल में होती है। उनके दिल में भी यह होना चाहिए। यह किसने सिखाया है कि फौज में आप पाकिस्तानी सीमा से गोलियां चलाकर हमारे जवानों को गोली मार दो। यह किसी ने बताया था कि पठानकोट या दीनानगर में घुसकर लोगों को और सेना के जवानों को मार दो। या मेरे अमृतसर के गांव में जहां लोग सुबह कीर्तन कर रहे हैं वहां आप ग्रेनेड फेंककर उनको मार दो। यह फौजियों की सीख नहीं है, यह कायरों की सीख है, यह बुजदिली है और मुझे अफसोस है।' 

सीएम ने कहा, ' बाजवा याद रखें कि अगर वह पंजाब में कोई गड़बड़ करने की कोशिश करेंगे तो सबक सिखाया जाएगा। हमारी रगों में भी पंजाबियों का खून बहता है। हमें इन्हें यहां नहीं आने देना है। हमारी सरकार ने 17 बार इनकी टोलियां यहां पकड़ी हैं। इनके 81 लोग हमने पकड़ा है। 70 हथियार और ग्रेनेड पकड़े हैं।' अमरिंदर ने कहा, 'यह सब तुम बंद करो। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला। मुझसे लोग पूछ रहे हैं कि मैं करतारपुर क्यों नहीं जा रहा, तो मेरा यही जवाब होता है कि इन्हीं सब कारणों से। एक तरफ मैं सिख हूं, मेरा दिल करता है कि गुरु नानक की धरती पर जाऊं। और उस गुरुद्वारे पर जिस पर मेरे दादाजी ने नौ साल सेवा करवाई थी। पंजा साहिब में मुझे मौका मिल गया था मेरे पिता जी 1932 में सेवा करवाई थी। लेकिन दूसरी तरफ मैं पंजाब का मुख्यमंत्री भी हूं। पंजाब और पंजाबियों की रक्षा मेरा धर्म है। मैं इसी वजह से नहीं जा रहा।' पाकिस्तान आर्मी चीफ पर बेहद आक्रामक नजर आ रहे अमरिंदर ने कहा, 'बाजवा जैसे लोग अगर समझते हैं कि वह पंजाब में आकर यहां का माहौल खराब कर देंगे तो मैं यह होने नहीं दूंगा। 20 साल हमारा पंजाब दुखी रहा है और यहां लहू बहा है। इसका नतीजा हम आज भुगत रहे हैं। हमारे बच्चे खराब हो रहे हैं। हमारे पास नौकरियां नहीं हैं। हम अपने राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहते हैं लेकिन अगर बाजवा जैसे लोग हमारे यहां गड़बड़ करने का प्रयास करेंगे तो हम ऐसा होने नहीं देंगे। जब तक मुझमें ताकत है मैं ऐसा होने नहीं दूंगा। पाकिस्तान में सत्ता में बैठे लोग सरकार नहीं चलाते, वहां फौज का कंट्रोल चलता है।' 


उन्‍होंने कहा कि इस कॉरिडोर को खोलने की लंबे समय से मांग चली आ रही थी जो अब पूरी होने जा रही है। हरसिमरत कौर बादल ने कहा, 'सिखों के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। हमारी मांग है कि पाकिस्‍तान के सभी गुरुद्वारों को खोला जाना चाहिए जहां बिना वीजा के सिख श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति हो।' उन्‍होंने कहा कि इस कॉरिडोर को खोले जाने की मांग पिछले कई दशक से की जा रही थी। अब करतारपुर कॉरिडोर बन जाने पर यह सफर आसान होगा। रंधावा ने पाकिस्‍तान में करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल के शामिल होने पर निशाना साधा। रंधावा ने सवाल किया कि नवजोत सिंह सिद्धू को 'कौम का गद्दार' बताने वाली हरसिमर कौर क्‍या मुंह लेकर वहां जा रही हैं? उन्‍होंने कहा, 'हरसिमरत कौर बादल ने नवजोत सिंह सिद्धू को कौम का एक गद्दार बताया था और वह पाकिस्‍तान जा रही हैं। वह क्‍या मुंह लेकर वहां जाएंगी? अकाली दल जब सत्‍ता में थी तब उसने स्‍वयं एक बार भी करतारपुर कॉरिडोर का मुद्दा नहीं उठाया था।'