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चार धाम यात्रा सबसे मुश्किल, श्रद्धालुओं की हिम्मत का होता है टेस्ट

Date : 2018-11-26 12:40:00 PM

 नई दिल्ली-(26-11-2018)-चार धाम यात्रा काफी कठिन मानी जाती है। मुश्किल हालात में श्रद्धालु इन यात्राओं पर जाते हैं। इस साल पिछले छह सालों में सबसे ज्यादा 27 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चार धाम यात्रा को पहुंचे। हालांकि एक दुखद बात यह भी रही कि इस साल चार धाम यात्रा के दौरान 106 लोगों की जान भी गई जबकि सैकड़ों गंभीर रूप से बीमार पड़े। दरअसल, ये यात्रा इतनी कठिन होती है कि लोगों को कई तरह की शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि अब सुविधाएं पहले से ज्यादा हैं लेकिन, बावजूद इसके गंभीर रूप से घायल लोगों को मैदानी इलाकों में अस्पतालों में भर्ती कराया गया और कुछ लोगों को तो एयरलिफ्ट तक करना पड़ा। 

सबसे ज्यादा 53 मौतें केदरानाथ में हुईं। इसके बदरीनाथ में 27, यमुनोत्री में 24 और गंगोत्री में 3 मौतें हुईं। पिछले साल मई से अक्टूबर के बीच छह महीने की यात्रा के दौरान स्वास्थ्य कारणों से 112 लोगों की मौत हुई थी। कश्मीर में होने वाली अमरनाथ यात्रा में भी भारी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं लेकिन वहां इतनी मौतें नहीं होती हैं। इस साल के अमरनाथ यात्रा में 31 लोगों की मौत हुई थी जबकि पिछले साल 29 लोग मारे गए थे। आम तौर पर ये मौतें दिल का दौरा पड़ने और ऊंचाई के कारण होती हैं। समुद्र से 10-14 हजार फीट के ऊंचाई पर स्थित हैं ये तीर्थ। अपर्याप्त मेडिकल सुविधाएं और मेडिकल चेक-अप के नियम सख्त नहीं होने के कारण भी मौतें होती हैं। श्रद्धालुओं को अपने साथ अपने-अपने राज्यों से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लाने को कहा जाता है लेकिन इन सर्टिफिकेट को शायद ही चेक किया जाता है। इसके अलावा डॉक्टरों की अपर्याप्त संख्या होना भी अहम कारण है।