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वाट्सएेप्प ग्रुप से जुड़ कर बेचता था मरीजों को खून एमआर,पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा,

Date : 2018-11-15 11:48:00 AM

जालंधर-(रवि गिल,जीवेश शेर गिल)-शहर की खूनदान करने वाली संस्थाओं और ड्रग विभाग की ज्वाइंट टीम ने मंगलवार रात 8:30 बजे खून बेचने वाले 28 वर्षीय दलाल राहुल वर्मा उर्फ विक्की को चिकचिक चौक से रंगे हाथ पकड़ा। डील के बाद संस्थाओं को कॉल या वाट्सएेप्प पर मैसेज करता था कि 'खून की जरूरत है। खूनदान करने वाले राहुल की चाल में आ जाते थे और उसके बताए ब्लड बैंक में जाकर खूनदान कर आते थे। जैसे ही खूनदान होता था राहुल खून के यूनिट लेकर मरीज के परिजनों को उनके बताए पते पर जाकर खून बेच आता था। यह कार्रवाई एक स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर हुई। पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद है।कृष्णा नगर वासी राहुल खुद को पेशे से दिलकुशा मार्केट में एमआर बताता है। ब्लड एसोसिएशन के प्रधान वरदान चड्‌ढा और यूथ ब्लड डोनर्स ऑर्गेनाइजेशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी विशाल के मुताबिक पिछले दिनों एक शख्स ने हमारे एक डोनर से जब कहा कि वह 3000 रुपए में खून मुहैया करवा देगा तो हमने उसे स्टिंग ऑपरेशन में पकड़ने की प्लानिंग कर ली। मंगलवार सुबह ही हमें श्रीमन अस्पताल से मरीज की कॉल आई कि खून चाहिए। हमने उनसे दो डिमांड फार्म लिए। 


एक से खून मुहैया करवा दिया, ताकि इलाज में समस्या न हो। दूसरा फार्म ले जाकर राहुल को दिया। राहुल उस फार्म के आधार पर खून ले आया। उसने कहा कि वह चिकचिक चौक आदर्श नगर आ रहा है। ड्रग विभाग, ब्लड डोनेट करने वाली संस्थाएं पहले से वहां मौजूद थीं। जैसे ही राहुल आया उसे पकड़ लिया गया। राहुल के साथ उसका एक साथी भी था। उसने कहा कि खून देने के बाद शराब पीने जा रहे थे। दोनों से शराब की एक बोतल भी मिली है।ब्लड बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया कि वह शहर से बाहर हैं और अभी कुछ नहीं कह सकते। ब्लड डोनर का नाम अजय कुमार पुत्र कृष्ण लाल है। ड्रग विभाग सुबह राहुल, अजय, अल्फा लैब को नोटिस जारी करेगा। राहुल उर्फ विक्की खूनदान करने वाली संस्थाओं के व्हाट्सएप ग्रुप में बतौर डोनर शामिल था। जैसे ही किसी मरीज को खून की जरूरत होती। उनसे 3000 से 3500 रुपए प्रति यूनिट डील कर लेता था। इस बार भी उसने इस काम के लिए 3500 में सौदा करके 3000 रुपए एडवांस लिए, जबकि 500 बाद में लेने थे। एडवांस 3000 में से 2900 रुपए राहुल तो कुछ जोशी अस्पताल स्थित अल्फा लैब ब्लड बैंक से मिले हैं। ब्लड बैंक से मरीज के ब्लड सैंपल की बरामदगी नहीं हुई है।