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अभी और कम होंगे पेट्रोल और डीजल के दाम!

Date : 2018-11-09 11:46:00 AM

नई दिल्ली -(09-11-2018)-घरेलू बाजार में फ्यूल और सस्ता हो सकता है क्योंकि इंटरनैशनल मार्केट में कच्चे तेल का दाम पिछले तीन हफ्ते में तेजी से घटा है। दरअसल, विदेशी बाजारों में क्रूड का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल से कम हो गया है जबकि रुपये में स्थिरता है। इन सबके चलते 17 अक्टूबर से पेट्रोल का दाम करीब 5 रुपये प्रति लीटर घटा है, जबकि डीजल करीब 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है। आज दिल्ली में पेट्रोल 78.06 रुपये और डीजल 72.74 रुपये प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में डीजल 76.22 रुपये और पेट्रोल 83.57 रुपये का एक लीटर रहा। 90% से ज्यादा फ्यूल रिटेलिंग मार्केट पर कब्जे वाली सरकारी ऑइल कंपनियां पेट्रोल और डीजल का डेली रेट एक पखवाड़े पहले इंटरनैशनल मार्केट में चल रहे क्रूड के रेट और करंसी मूवमेंट के हिसाब से सेट करती हैं। इस हिसाब से अभी इंटरनैशनल मार्केट में क्रूड सस्ता होने से भारत में आगे लगभग एक पखवाड़ा फ्यूल सस्ता मिलेगा। इंटरनैशनल मार्केट में क्रूड का दाम 3 अक्टूबर के 86 डॉलर प्रति बैरल से घटकर $72 प्रति बैरल से नीचे आ गया है। 


ईरान पर अमेरिका की आयात पाबंदी में भारत और सात अन्य देशों को ढील दिए जाने से कमोडिटी मार्केट को राहत मिली है जो सप्लाई गैप की आशंका से असहज महसूस कर रहा था। इधर, कंपनियों को देश में पेट्रोल पंप खोलने और ATF बेचने देने से जुड़े नियमों को उदार बनाने की सिफारिश देने के वास्ते बनी एक्सपर्ट कमिटी ने अपने सुझावों को अंतिम रूप देने के लिए जनता से राय मांगी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने फ्यूल रिटेलिंग लाइसेंसिंग रूल्स को उदार बनाने की सिफारिश देने के लिए पिछले महीने पांच मेंबर वाली एक एक्सपर्ट कमिटी बनाई थी। मिनिस्ट्री के नोटिस के मुताबिक, 'कमिटी की पहली मीटिंग 2 नवंबर को हुई थी। कमिटी इस मामले में विभिन्न पक्षों एवं आम जनता की राय और सुझाव लेना चाहती है।' कमिटी ने इस मामले में दो हफ्ते में राय मांगी है। अभी देश में फ्यूल रिटेलिंग लाइसेंस पाने के लिए कंपनियों को हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रॉडक्शन, रिफाइनिंग, पाइपलाइन या एलएनजी टर्मिनल में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करना पड़ता है। समिति के गठन के लिए मंत्रालय की तरफ से जारी एक अन्य ऑर्डर के मुताबिक, एक्सपर्ट कमिटी से पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल (ATF) की मार्केटिंग के ऑथराइजेशन के लिए तय मौजूदा गाइडलाइंस लागू करने से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए कहा गया है।