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क्या आपको पता है कि डॉक्टर रात को पोस्टपार्टम क्यों नहीं करते.......?

Date : 2018-11-08 02:52:00 PM

जालंधर-(08-11-2018)-आपने पोस्टमार्टम के बारे में सुना होगा जो कई बार बड़े बड़े केस सुलझाने में बहुत काम आता है। लेकिन पोस्टमार्टम के बारे में कुछ ऐसी बातें है जो आप नहीं जानते होंगे जैसे की रात में कभी भी पोस्टमार्टम नहीं किया जाता। ऐसा क्यों है आईये जानते है।सबसे पहले आपको बता दें पोस्टमार्टम एक विशिष्ट प्रकार की शल्य प्रक्रिया यानी ऑपरेशन है जिस में शव का परीक्षण किया जाता है। शव के परीक्षण करने का मतलब व्यक्ति की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए किया जाता है।पोस्टमार्टम करने से पहले मृतक के सगे सम्बन्धियों की सहमति प्राप्त करना जरूरी होता है। व्यक्ति की मौत के बाद 6 से 10 घंटे के अंदर ही पोस्ट मार्टम किया जाता है।

अन्यथा शव में मृत्यु के बाद प्राकृतिक परिवर्तन हो जाने की आशंका रहती है। जैसे कि शव एंठन और विघटन यह परिवर्तन जल्द ही शव में हो जाते हैं। आइये आपको बताते है के डॉक्टर रात को पोस्टमार्टम क्यों नहीं करते ,डॉक्टरों के रात में पोस्ट मार्टम न करने की असली वजह रोशनी होती है। क्योंकि रात में ट्यूबलाइट, एलईडी की कृतिम रौशनी में चोट का रंग लाल की बजाए बैगनी दिखाई देता है।रात में पोस्टमार्टम करने की एक वजह यह भी होती है कि प्राकृतिक व कृत्रिम रोशनी में चोट के रंग अलग दिखने से पी ऍम  रिपोर्ट को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। फोरेंसिक साइंस में पढाई में यह बात छात्रों को सिखाई जाती है।