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पंजाब पुलिस के ए.एस.आई. ने होशियारपुर पैसेंजर गाड़ी के आगे कूदकर दी जान

Date : 2018-11-02 02:55:00 PM

पंजाब पुलिस के  एक ए.एस.आई. ने  होशियारपुर पैसेंजर गाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी। जैतेवाली-बोलीना रेलवे ट्रैक के नजदीक हुई उक्त घटना की सूचना मिली तो जैतेवाली के सरपंच तरसेम लाल पवार, ब्लाक समिति के पूर्व सदस्य मोहन लाल बोलीना मौके पर पहुंचे और रेलवे पुलिस को सूचित किया जिसके बाद जी.आर.पी. जालंधर के प्रभारी इंस्पैक्टर सतपाल सिंह व होशियारपुर जी.आर.पी. के चौकी प्रभारी हरदीप सिंह ने घटनास्थल पर पहुंच कर मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मौके पर एकत्रित हुए लोगों से पता चला कि मृतक ए.एस.आई. मुख्त्यार सिंह पुत्र गुरदयाल सिंह गांव जैतेवाली, थाना देहाती पुलिस पतारा, जालंधर का रहने वाला था। रेलवे पुलिस की जांच में पता चला कि मृतक का अपने रिश्तेदारों तथा अन्य लोगों से पैसों का लेन-देन था जिसके कारण वह परेशान रहता था।


 इंस्पैक्टर सतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक की पत्नी सुखविन्द्र कौर के बयानों पर सर्बजीत सिंह उर्फ जॉनी पुत्र गुरदीप सिंह निवासी मॉडल टाऊन, थाना-6 जालंधर, संतोख सिंह पुत्र मोहन सिंह निवासी पधियाना, थाना आदमपुर जालंधर व संतोख सिंह की बहन हरजीत कौर पत्नी सतनाम सिंह निवासी गांव कडियाणा थाना आदमपुर, जालंधर के खिलाफ-&06 व 34 आई.पी.सी. के तहत थाना जी.आर.पी. जालंधर में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी घरों से फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए रेड की जा रही है। शव को सिविल अस्पताल भेज दिया गया है और कल सुबह पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।सुबह मुख्त्यार के पास मोटरसाइकिल था जोकि उसने घर जाकर खड़ा किया और वहां से पैदल ही खेतों के बीच से ट्रैक पर आ गया। घर से वह कब निकला, इसकी जानकारी पत्नी सुखविन्द्र को भी नहीं थी।  मृतक मुख्त्यार बहुत कम ही पुलिस की वर्दी पहनता था। वह एस.टी.एफ. में होने के कारण ज्यादातार सिविल में ही रहता था। उसकी शर्ट की ऊपर की जेब में लगे होते पैन में अपने आप ही रिकाॄडग हो जाती थी और अपराधी की फोटो भी वह उसी से ही खींच लेता था।  पिता की मौत के बारे में जैसे ही बेटे कर्णदीप सिंह को पता चला तो वह सीधा स्कूल से घटनास्थल पर पहुंच गया और शव सामने पड़ा देख भी उसे पिता की मौत पर विश्वास नहीं हो रहा था। वह बेसुध-सा हो गया, जिसे गांव के सरपंच तरसेम लाल पवार व अन्य लोगों ने संभाला और पानी पिलाया। 

मृतक की एक बेेटी और एक बेटा है। होशियारपुर स्थित अस्पताल में जॉब करती बेटी सुमन को मुख्त्यार आज सुबह अपने मोटरसाइकिल पर जंडूसिंघा अड्डे पर छोड़कर आया था, जहां से वह रोज होशियारपुर के लिए बस लेती है। बेटी भी होशियारपुर से तुरंत घर पहुंची और घर का गमगीन माहौल देखकर हैरान रह गई।ए.एस.आई. मुख्त्यार सिंह ने ट्रेेन के आगे कुदकर खुदकुशी करने से पहले अपने मोबाइल फोन सेे अपनी बहन का नम्बर मिलाकर उसे ट्रेन की आवाज सुनाई थी और कहा था कि वह हमेशा के लिए इस दुनिया को छोड़कर जा रहा है। मृतक पहले एस.टी.एफ. होशियारपुर में सेवाएं दे रहा था और करीब 3 माह पहले उसकी ट्रांसफर लड्डा कोठी (संगरूर) स्थित आई.आर.बी. में कर दी गई थी लेकिन अभी तक उसके वहां ज्वॉयन न किए जाने के कारण वह गैर-हाजिर चल रहा था। ट्रांसफर के कारण भी वह परेशान रहता था।