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इस गणितीय तकनीक की मदद से लोगों को समय और पैसे बचाने में मिलेगी मदद।

Date : 2018-11-01 02:17:00 PM

अमेरिका में पार्किंग की समस्या को देखते हुए भारतीय छात्र साई निखिल रेड्‌डी ने ऐसा एल्गोरिदम तैयार किया, जो पार्किंग स्लॉट में जगह आसानी से ढूंढ सकता है। इस गणितीय तकनीक की मदद से लोगों को समय और पैसे बचाने में मदद मिलेगी।राजस्थान के पिलानी स्थित बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से ग्रेजुएट साई निखिल रेड्‌डी मेट्टुपल्ली फिलहाल हंट्सविले स्थित अलबामा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। वे अपने अविष्कार के लिए यूनिवर्सिटी की विज्ञान एवं तकनीक प्रतियोगिता 2018 में द्वितीय पुरस्कार भी जीत चुके हैं।साई के मुताबिक, उनकी तकनीक पार्किंग के साइज और गाड़ियों की संख्या को कैल्कुलेट करने के बाद जगह की स्थिति बताती है। 


उन्होंने बताया कि बाजार में ऐसे कई ऐप्स मौजूद हैं, जिनसे पार्किंग स्लॉट में स्पेस ढूंढा जा सकता है। हालांकि, वे ऐसी तकनीक बनाना चाहते थे, जिसमें इंस्टॉल करने या महंगे इन-ग्राउंड सेंसर के मेंटेनेंस जैसा झंझट न हो। विश्वविद्यालय के मुताबिक, साई का अाविष्कार डेटा एनालिटिक्स और गहन तकनीक पर आधारित है, जिससे ड्राइवरों को खाली पार्किंग स्लॉट ढूंढने में मदद मिलेगी। बिग डेटा एनालिटिक्स एक जटिल प्रक्रिया है। इसके जरिए बड़े और विभिन्न आंकड़ों के कई समुच्चयों का परीक्षण किया जाता है।प्रयोग की सफलता के लिए साई ने कंप्यूटर विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर विनीता मेनन की मदद ली। मेनन खुद उस हाई परफॉर्मेंस वाली कंप्यूटिंग पावर की जानकार हैं। साई का यह सिस्टम ब्राजील के संघीय विश्वविद्यालय पराना द्वारा तैयार पार्किंग लॉट डेटा पर निर्भर करता है।साई ने अपने प्रयोग के लिए यूनिवर्सिटी के पार्किंग जोन को चुना। साई ने बताया, ‘‘अपने प्रयोग के लिए उन्होंने ऐसा दिन चुना, जब सुबह 11 से दोपहर एक बजे के बीच छात्रों और फैकल्टी के सदस्यों को गाड़ी खड़ी करने की जगह ढूंढने में खासी परेशानी हो रही थी।’’