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अब नगर निगम नहीं इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट हटाएगा नाजायज कब्जे,

Date : 2018-11-01 12:30:00 PM

जालंधर//(जीवेश शेर गिल,रवि गिल)-लतीफपुरा पर कार्रवाई एक सप्ताह के लिए टल गई है। न्यू मॉडल टाऊन के साथ लगते लतीफपुरा व न्यू मॉडल टाऊन के बीच से गुजरती 120 फुटी सड़क पर हुए कब्जे पर कार्रवाई अब नगर निगम नहीं इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट करेगा। ट्रस्ट इस संबंध में कब्जाधारकों को नोटिस भिजवाएगा व उक्त समय इसलिए दिया जा रहा है ताकि कब्जाधारक अपना सामान खुद ही वहां से हटा लें। नगर निगम द्वारा 31 अक्तूबर को की जाने वाली इस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेसी पार्षद अरुणा अरोड़ा के साथ इलाका निवासी धरने पर बैठ गए थे जिसके चलते नगर निगम द्वारा आज कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में आज नगर निगम कार्यालय में कमिश्नर दीपर्व लाकड़ा के साथ मुलाकात करने हेतु पार्षद अरोड़ा इलाका निवासियों के साथ पहुंची और कब्जे हटाने की कार्रवाई को गलत बताया। मेयर जगदीश राजा, निगम अधिकारियों, इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट अधिकारियों की मौजूदगी में एक मांग पत्र भी सौंपा गया।


 इस दौरान ट्रस्ट की ई.ओ. सुरिन्द्र कुमारी ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि कब्जे हर हालत में हटाए जाएंगे। उक्त जमीन इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट की है जिसके चलते इन कब्जों को हटाने की जिम्मेदारी प्रशासन द्वारा इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट को सौंपी गई है। इससे पहले भी डेयरियों वाले स्थान पर कब्जे हटाने हेतु इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट द्वारा कई बार अपनी टीमें भेजी गईं लेकिन हर बार विरोध के चलते कब्जे नहीं हट पाए। इस मौके पर पार्षद अरुणा अरोड़ा ने कहा कि उक्त लोग पाकिस्तान से आकर बसे हैं। 70 साल से बसे लोगों को हटाने की जो कोशिश की जा रही है, वह गलत है। इस पर जवाब देते हुए ई.ओ. सुरिन्द्र कुमारी ने कहा कि कुछ भी हो कब्जे हर हालत में हटाए जाएंगे। किसी कानून में नहीं लिखा कि 70 साल से अगर कोई कब्जे जमाए बैठा है तो उसे हटाया नहीं जा सकता। यदि उनके पास लिखित में कुछ है तो वह उन्हें दिखाएं। केवल बातें करने से कब्जों पर कार्रवाई को नहीं रोका जा सकता।

 इस संबंध में ट्रस्ट अधिकारियों द्वारा आज एक अहम मीटिंग की गई जिसमें कब्जे हटाने की योजना बनाई गई। इसमें कहा गया है कि ट्रस्ट द्वारा 7 दिन के नोटिस के बाद अगला प्लान तैयार किया जाएगा। पुलिस फोर्स की मांग की जाएगी, इस बारे में आने वाले दिनों में ई.ओ. द्वारा पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा जा रहा है ताकि ट्रस्ट द्वारा जब कार्रवाई की जाए तो लोगों के विरोध में किसी तरह की दिक्कत पेश न आए। लोगों द्वारा जो विरोध जताया जा रहा है, उसे लेकर मेयर जगदीश राजा, पार्षद अरुणा अरोड़ा द्वारा निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात की जाएगी। अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठकर अरुणा अरोड़ा ने साफ कर दिया है कि वह लोगों के पक्ष में डटी रहेगी भले ही उन्हें किसी भी विरोध का सामना क्यों न करना पड़े। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अपनी सरकार के नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली अरुणा अरोड़ा को कितना समर्थन मिल पाएगा।