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सुविधा सेंटर की लापरवाही के कारण 15 हजार विद्यार्थियों का भविष्य लगा दांव पर

Date : 2018-10-31 05:49:00 PM

जालंधर-(31-10-2018)-डिप्टी कमिश्नर  की फटकार के बाद ही सुविधा सेंटर प्रबंधकों के कामकाज में मंगलवार को किसी प्रकार का सुधार नहीं दिखा। सुविधा सेंटर पर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी बीएलसी की लापरवाही के चलते जिले में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले लगभग 15 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों का भविष्य दांव पे लगा है। सुविधा सेंटर पर एक सप्ताह से खत्म होलोग्राम के कारण लगभग 200 विद्यार्थियों के आय प्रमाण पत्र अभी भी फंसे हैं, जबकि पोस्ट स्कॉलरशिप के लिए 31 अक्टूबर आवेदन की अंतिम तिथि है। सुविधा सेंटर पर टका सा जवाब मिलने के बाद नाराज लोगों ने डीसी ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा किया।गौरतलब है कि सुविधा सेंटर के कामकाज को लेकर आ रही शिकायतों के चलते डिप्टी कमिश्नर  वरिंदर कुमार शर्मा ने कंपनी के प्रबंधकों को जमकर फटकार लगाई थी। इसके बावजूद मंगलवार को भी कंपनी के कामकाज में किसी प्रकार का सुधार नहीं देखा गया। सुविधा सेंटर पर होलोग्राम 23 अक्टूबर से खत्म हो चुके हैं, लेकिन अभी तक होलाग्राम का प्रबंध नहीं कर पाए हैं, जिस कारण आय प्रमाण पत्र ही नहीं सुविधा सेंटर से पिछले एक सप्ताह से किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। लोग जोर सुविधा सेंटर में आकर घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटने को मजबूर हैं।गांव चिट्टी निवासी दलबीर सिंह ने 3 अक्टूबर को आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। उन्हें 20 अक्टूबर को जारी करने की लिखित रसीद दी थी, लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ है। दलबीर सिंह  के अनुसार वे आज सुविधा सेंटर में 8वीं बार पहुंचे थे, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं, आखिर कब प्रमाण पत्र मिलेगा। 


बस्ती बाबा खेल निवासी शमशेर लाल ने 6 अक्टूबर को आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उन्हें आय प्रमाण पत्र हीं दिया गया है, रोज अगले दिन आने की बात कहकर टकरा दिया जाता है, मंगलवार को भी उन्हें लाइसेंस जारी नहीं किया। 

बेटी किरण के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने पहुंची दमन कौर ने बताया कि 13 अक्टूबर को उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। पति के निधन के बाद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी बेटी की बीसीए करा रही हैं, मुश्किल से फीस जुटा रही हैं, सुविधा सेंटर में आय प्रमाण पत्र को लेकर चक्कर पर चक्कर लगवा रहे हैं, अगर प्रमाण पक्ष नहीं बना तो उनकी बेटी को तो पढ़ाई से वंचित होना पड़ेगा, वे पूरी फीस देने की स्थिति में नहीं है।