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लुधियाना से अपहृत तीन साल का मासूम जालंधर से हुआ बरामद।

Date : 2018-10-31 11:40:00 AM

 जालंधर//(31-10-2018)- लुधियाना की टेक्सटाइल कालोनी से अपहृत तीन साल का मासूम जालंधर से बरामद हुआ। दोपहर करीब तीन बजे थाना 4 में शेखां बाजार में पतंगों की दुकान पर काम करने वाला दीपेंद्र तीन साल के बच्चे के साथ पहुंचा और बोला इंस्पेक्टर साहब! मेरे भाई ने बच्चा कहीं से उठाया है, आप इसे अपने पास रखो और पता करो कि यह बच्चा कौन है और किसका है। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि 28 अक्टूबर को लुधियाना की टेक्सटाइल कालोनी से तीन साल के बच्चे का अपहरण हुआ है। अपहरणकर्ता दीपेंद्र का भाई वीरभान था।दो दिन पहले लुधियाना की टेक्सटाइल कालोनी से अपहृत हुए तीन साल के अंकुश पुत्र देव ¨सह को जालंधर पुलिस ने दीपेंद्र से बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि दीपेंद्र के भाई वीरभान ने बच्चे का अपहरण करके जालंधर रहते भाई दीपेंद्र के पास ये कहकर रखा था कि वह उसका बेटा है। दीपेंद्र कई साल से वीरभान से नहीं मिला था जिस कारण उसने बच्चा उसका होने की बात मान ली। शक होने पर उसने नेपाल रहती अपनी भाभी रजनी को फोन किया और बच्चे के बारे में पूछताछ की। पता चला कि वीरभान का बेटा तो नेपाल में ही है। सच्चाई का पता चलते ही वे तुरंत थाना 4 पहुंचा और पुलिस को सारी बात बताई। थाना 4 के प्रभारी सुखदेव ¨सह ने एडीसीपी पीएस भंडाल को सारी जानकारी दी। एडीसीपी को दीपेंद्र ने बताया कि उसका भाई वीरभान लुधियाना में ही रहता है और किसी फैक्ट्री में काम करता है।


 एडीसीपी भंडाल ने लुधियाना के पुलिस अधिकारियों से बात की तो पता चला कि टेक्सटाइल कालोनी से बच्चे का अपहरण हुआ है। अपहरण की वारदात पास ही लगे एक सीसीटीवी में कैद हुई थी। एडीसीपी भंडाल ने लुधियाना पुलिस को बच्चा मिलने की बात बताई। बच्चे की फोटो वाट्सऐप पर भेजी। लुधियाना पुलिस बच्चे के पिता देव ¨सह को साथ लेकर जालंधर आई। यहां बच्चे को पिता के हवाले कर दिया गया। 48 घंटे में ही मिला तीन साल का मासूमलुधियाना से 28 तारीख को अंकुश का अपहरण हुई। 29 को लुधियाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और 30 तारीख को ही जालंधर पुलिस ने बच्चा बरामद कर लुधियाना पुलिस के हवाले कर दिया। अंकुश के पिता देव ¨सह ने पुलिस को बताया कि वह नेपाल का रहने वाला है। दीपेंद्र और वीरभान भी नेपाल में ही रहते हैं लेकिन उनका उसके साथ कोई संबंध नहीं है। वह नहीं जानता कि वीरभान कौन है और उसने ऐसा क्यों किया। उसने बताया कि अंकुश की मां का बीते दिनों देहांत हो चुका है और उनकी एक बेटी भी है। बलि के लिए अपहरण करने की आशंका अंकुश का पिता देव आरोपित वीरभान को नहीं जानता। ऑटो रिक्शा चालक देव के पास इतना पैसा भी नहीं है कि वो फिरौती की रकम दे सके। ऐसे में बलि की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। दीपेंद्र ने भी बताया कि उसका भाई ऐसी बातों में विश्वास रखता है। ऐसे में पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। बच्चा परिजनों के हवाले कर दिया गया है। लुधियाना पुलिस ने आरोपित वीरभान के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जालंधर पुलिस जालंधर में भी वीरभान की तलाश करेगी। अपहरण क्यों किया गया, वीरभान और देव ¨सह का क्या रिश्ता है, वीरभान ने देव के बच्चे को ही क्यों निशाना बनाया, यह सारी बातें वीरभान की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेंगी।