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अवैध निर्माण रोकने गई निगम टीम और पूर्व मेयर के बीच हाथापाई तक हो गई

Date : 2018-10-29 01:20:00 PM

जालंधर-(रवि गिल,सुशिल हंस)- एक ओर इन दिनों जहां कांग्रेसी पार्षदों व निगम अधिकारियों विरुद्ध छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। वहीं अवैध निर्माण रोकने गई निगम टीम और पूर्व मेयर सुरेश सहगल के बीच हाथापाई तक हो गई। निगमाधिकारियों ने पूर्व मेयर पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दे दी है।दूसरी ओर पूर्व मेयर सुरेश सहगल ने निगमाधिकारियों पर धक्केशाही और रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बताया है।  निगम के बिल्डिंग इंस्पैक्टर दिनेश जोशी ने बताया कि फगवाड़ा गेट स्थित मोबाइल हाऊस के पीछे गली में कब्जे और अवैध निर्माण बारे लगातार शिकायतें आ रही थीं । इसके चलते निगम में कागजों की जांच चल रही है। इस दौरान शिकायत आ रही थी कि अवैध निर्माण रात के समय हो रहा है जिसे रुकवाया जाए। जोशी ने बताया कि वह एरिया के ड्राफ्ट्समैन संजीव कुमार को साथ लेकर शिकायत की जांच करने पहुंचे तो वहां निर्माण कार्य चल रहा था। जब उसे बंद करने को कहा गया तो बिल्डिंग मालिक ने बहस शुरू करते हुए फोन करके पूर्व मेयर सुरेश सहगल को मौके पर बुला लिया। निगमाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व मेयर सहगल ने आते ही तैश में आकर निगम टीम से धक्का-मुक्की शुरू कर दी और मुंह पर मुक्के मारे।


 इस दौरान बिल्डिंग मालिक ने भी पूर्व मेयर की शह पाकर निगम टीम से हाथापाई की निगम टीम ने विवाद बढ़ता देख निगम कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर व ए.टी.पी. लखबीर सिंह को सूचित किया जिन्होंने तुरंत बिल्डिंग इंस्पैक्टर रूपिंद्र सिंह टिवाणा व हैड ड्राफ्ट्समैन विकास दुआ को मौके पर भेजा। इसकी सूचना अधिकारियों ने पुलिस को दी और पूरे घटनाक्रम पर विचार करने के लिए सोमवार को एमरजैंसी मीटिंग कॉल कर ली है जिसमें अगला फैसला लिया जाएगा। इस बीच पूर्व मेयर सुरेश सहगल ने कहा कि उनके क्षेत्र फगवाड़ा गेट में गरीब ब्राह्मण परिवार नानकशाही ईंटें निकाल कर नई दीवार बना रहे थे जिस बारे नोटिस आया था।  उसका जवाब दे दिया गया था। पूर्व मेयर ने आरोप लगाया कि बिल्डिंग इंस्पैक्टर द्वारा बिल्डिंग मालिक से 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस जगह के आगे मेन रोड पर 3 दुकानें बनी हुई हैं। अगर इस स्थान को कब्जा बताया जा रहा है तो वे 3 दुकानें भी कब्जे वाले स्थान पर बनी होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।