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CBI Vs CBI मामले में सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

Date : 2018-10-24 11:22:00 AM

नई दिल्ली //(24-10-2018)- CBI Vs CBI मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने सीबीआई डायरेक्टर और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर को छुट्टी पर भेज दिया है। वहीं एडिशनल डायरेक्टर नागेस्वर राव को अंतरिम निदेशक बनाया गया है वो जांच पूरी होने तक इस पद पर रहेंगे।आपको बता दें कि CBI ने अपने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ एक FIR दर्ज कराई है। इस FIR में अस्थाना पर मीट कारोबारी मोइन क़ुरैशी के मामले में जांच के घेरे में चल रहे एक कारोबारी सतीश सना से दो करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। सीबीआई में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राकेश अस्थाना इस जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के प्रमुख हैं। कारोबारी सतीश सना का आरोप है कि सीबीआई जांच से बचने के लिए उन्होंने दिसंबर 2017 से अगले दस महीने तक क़रीब दो करोड़ रुपए रिश्वत ली।FIR दर्ज होने के बाद राकेश अस्थाना ने CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा  पर पलटवार करते हुए उन पर ही रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। अस्थाना ने सरकार को एक पत्र लिखकर गलत एफआईआर दर्ज करने का आरोप लगाया है। अस्थाना का दावा है कि सतीश सना कि यह शिकायत सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के कुछ अधिकारियों की साजिश है। उन्होंने सीबीआई चीफ और सीवीसी अरुण शर्मा के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। अस्थाना ने बताया कि उन्होंने अगस्त में ही कैबिनेट सचिव को इन शीर्ष अधिकारियों के भ्रष्टाचार के 10 उदाहरण, आपराधिक कदाचार, संवेदनशील मामलों की जांच में हस्तक्षेप की जानकारी दी थी।सीबीआई ने अपने महकमे में डीएसपी के पद पर तैनात देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है। देवेंद्र मोइन कुरैशी से जुड़े मामले में जांच अधिकारी थे। उन्हें सतीश सना का बयान दर्ज करने में फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई का आरोप है कि सना ने मामले में राहत पाने के लिए कथित तौर पर देवेंद्र को रिश्वत दी थी। दरअसल, सतीश बाबू सना हैदराबाद के उद्योगपति रहा है। वह पहले सरकार नौकरी में था, मगर बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर कई कंपनियों में काम किया। कारोबारी सतीश सना का आरोप है कि सीबीआई जांच से बचने के लिए उन्होंने दिसंबर 2017 से अगले दस महीने तक क़रीब दो करोड़ रुपए रिश्वत ली।