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सीबीआई अफसर राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने का मामला दर्ज

Date : 2018-10-22 01:00:00 PM

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस समय अजब संकट से गुजर रही है। सीबीआई ने अपने ही स्पेशल डायरेक्टर और जांच एजेंसी में नंबर टू की हैसियत रखने वाले राकेश अस्थाना पर 3 करोड़ की रिश्वत का केस किया है। लेकिन मामला इतना भर नहीं है। इस केस से इतर इसमें सीबीआई के टॉप बॉस आलोक वर्मा और अस्थाना के बीच 'लड़ाई' का ऐंगल भी है। CBI ने अस्थाना पर दर्ज एफआईआर में मांस कारोबारी मोइन कुरैशी से 3 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। बता दें कि अस्थाना ही कुरैशी के खिलाफ जांच की कमान संभाल रहे थे। वहीं, अस्थाना ने उन पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए सीधे सीबीआई चीफ पर उन्हें फंसाने का आरोप जड़ा है। देश की शीर्ष जांच एजेंसी के इस अंदरूनी विवाद पर केंद्र सरकार भी पैनी नजर रखे हुए है। आइए समझते हैं यह पूरा मामला आखिर है क्या... 


हैदराबाद के एक बिजनसमैन सतीश बाबू सना की शिकायत के आधार पर सीबीआई के दूसरे नंबर के शीर्ष अधिकारी राकेश अस्थाना पर दर्ज एफआईआर में इस बात का दावा किया गया है कि उन्होंने सीबीआई स्पेशल डायरेक्टर को पिछले वर्ष लगभग तीन करोड़ रुपये दिए थे। सना का यह बयान सीआरपीसी की धारा 164 के अंतर्गत मैजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया गया, जो कि कोर्ट में भी मान्य होगा। बता दें कि मोइन कुरैशी से 50 लाख रुपये लेने के मामले में सना भी जांच के घेरे में था, इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व अस्थाना कर रहे थे। दावा किया गया है कि पिछले वर्ष डीएसपी देवेंद्र कुमार द्वारा की गई पूछताछ में दुबई के एक इन्वेस्टमेंट बैंकर मनोज प्रसाद ने उन्हें सीबीआई से उनके अच्छे संबंधों के बारे में बताया। यही नहीं, इस मामले में यह भी बताया गया कि उनका भाई सोमेश उसकी इस केस से बाहर निकलने में मदद करेगा। सना ने कहा कि वह मनोज को लगभग दस वर्षों से ज्यादा वक्त से जानता है। 

सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर और 1984 बैच के गुजरात कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अस्थाना मांस कारोबारी कुरैशी की मामले की जांच कर रहे हैं। कुरैशी पर मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार समेत कई तरह के आरोप हैं। उधर, अस्थाना ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया है। अस्थाना ने सीवीसी के भेजे एक पत्र में कहा है कि सीबीआई चीफ ने अजय बस्सी नामक एक ऐसे अधिकारी की ऐंटी करप्शन ब्रांच में नियुक्ति की है, जिसे नियमों को तोड़ने के लिए जाना जाता है और जिसकी छवि बेदाग नहीं है। अस्थाना ने पत्र में आरोप लगाया कि ऐसा उन्हें फंसाने के लिए किया गया है। 
अस्थाना कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच की निगरानी कर रहे हैं। इसमें अगस्तावेस्टलैंड चॉपर घोटाला और शराब कारोबारी विजय माल्या लोन फ्रॉड केस जैसे मामले शामिल हैं।