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जमीन पर गिरने से पहले महिला ने बचा ली बच्चे की जिंदगी

Date : 2018-10-22 12:51:00 PM

अमृतसर//(22-10-2018)- जाको राखे साइयां मार सके न कोय। कुछ ऐसा ही हुआ अमृतसर ट्रेन हादसे के दौरान जहां मात्र चंद सेकंड के अंतर से एक बच्‍चे की जान बच गई। मीना देवी (55) भी जोड़ा फाटक के पास आयोजित दशहरा पर्व में शामिल होने पहुंची थीं। हादसे के समय उनके सामने एक शख्स ट्रैक के बीच में खड़ा था। तभी ट्रेन आती दिखाई दी। मीना ने देखा कि उनके सामने खड़े शख्‍स ने एक बच्‍चे को हवा में उनकी ओर उछाल दिया। वह शख्‍स खुद ट्रेन की चपेट में आ गया। मीना देवी ने जमीन पर गिरने से पहले बच्चे को बचा लिया। मीना ने इस बच्चे के माता-पिता को तलाशने के बहुत प्रयास किए लेकिन उनका कुछ भी पता नहीं चल पाया। माना जा रहा है कि ट्रेन की पटरी के बीच में खड़ा शख्‍स बच्‍चे का पिता था और उसने अपने बच्‍चे को हवा में उछालकर उसकी जान बचा ली।


मीना देवी ने बताया कि कैसे वह उस बच्चे को अस्पताल ले जाने से पहले घर ले गईं, उसकी देखभाल की और उसे खाना खिलाया। हिम्मत से भरी हुईं मीना कहती हैं, 'यदि इस बच्चे के माता-पिता नहीं मिलते हैं तो मुझे इस बच्चे का पालनपोषण करने में खुशी होगी।' हालांकि, कई घंटे बीतने के बाद प्रशासन ने 10 महीने के बच्चे के परिवार का पता लगा लिया है, जिसका सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्चे की पहचान विशाल के रूप में हुई है और उसकी मां राधिका दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गई थीं, जिन्हें कि इलाज के लिए अमृतसर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों का कहना है कि जिस व्यक्ति की गोद से विशाल ट्रेन की टक्कर लगने से उछल गया था, उस शख्स की मौत हो चुकी है।

बच्चे के परिवार की एक महिला ने अपने पति और बेटे दोनों को ही इस हादसे में खो दिया है। मीना देवी नेपाल से ताल्लुक रखती हैं और वह कार्यक्रमों में खाना बनाने का काम करती हैं, उनके इस निस्वार्थ काम के लिए लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की। उनकी पड़ोसी आरती कपूर कहती हैं, 'हमें उन पर गर्व है क्योंकि न सिर्फ उन्होंने बच्चे को बचाया बल्कि उसकी अच्छी देखभाल को भी आश्वस्त किया।'