BREAKING NEWS

image caption:

सबरीमाला मंदिर में जाने की कोशिश करने वाली ऐक्टिविस्ट रेहाना फातिमा

Date : 2018-10-20 04:56:00 PM

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वहां जाने की कोशिश करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। सामाजिक मान्यताओं और रुढ़ियों को तोड़ने की कोशिश करती रहने वाली रेहाना इससे पहले चर्चा में तब आई थीं जब एक प्रफेसर ने महिलाओं के स्तनों की तुलना तरबूजों से कर दी थी। विरोध करते हुए रेहाना ने एक सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट किया जिसमें वह टॉपलेस थीं और उन्होंने केवल अपने स्तन तरबूजों से ढके थे। सरकारी कर्मचारी रेहाना दो बच्चों की मां हैं। वह एक मॉडल और ऐक्टिविस्ट हैं। उन्होंने सबरीमाला में जाने के कोशिश की तो उनके घर पर हमला कर दिया गया। लोगों का विरोध झेलने की रेहाना को आदत हो गई है। वह कहती हैं, 'मुझे समझ नहीं आता कि एक महिला के शरीर को लेकर इतना विवाद क्यों होता है। मैं एक महिला के शरीर से जुड़ी हुई सीमाओं पर सवाल करना चाहती थी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग मानक बनाए गए हैं।' 

रेहाना साल 2016 में त्रिसूर में केवल पुरुषों द्वारा किए जाने वाले ओणम टाइगर डांस में हिस्सा लेने वाली पहली महिलाओं में से एक हैं। उन्होंने साल 2014 में मॉरल पलीसिंग के खिलाफ 'किस ऑफ लव' में भी हिस्सा लिया था। रेहाना कहती हैं कि कोई भी एक दिन में बागी नहीं बनता। इंसान के अनुभव उसे वहां तक पहुंचाते हैंरेहाना एक रुढ़िवादी मुस्लिम परिवार में पली-बढ़ीं। उनकी पढ़ाई मदरसों में हुई। वह हिजाब पहनती थीं और पांच वक्त की नमाज करती थीं। चीजें तब बदलने लगीं जब उनके पिता का निधन हो गया। वह बताती हैं, 'घर में हम तीन महिलाएं (रेहाना, उनकी मां और बहन) ही थीं। मेरे पिता के गुजरने के बाद कोई भी मर्द घर आना चाहता था। वे नशे में आते थे या अंधेरा होने के बाद आते थे। मैंने कई बार लोगों के बीच में इस बारे में हंगामा किया लेकिन मुझे कोई समर्थन नहीं मिला।' उसके बाद धर्म से उनका विश्वास उठने लगा। 

पिता की मौत के बाद रेहाना को उनकी जगह नौकरी मिल गई थी। वह कॉलेज के साथ-साथ काम करती थीं। वह किसी सामाजिक मुद्दे पर बोलने से नहीं चूकती हैं। वह कोचिंग रैकेट से लेकर कोच्चि में पीने के पानी की समस्या तक पर मुखर होकर बोलती हैं। वह बताती हैं कि एक बार अपने पति के साथ स्लीवलेस शर्ट और शॉर्ट्स में फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट करने पर उन्हें भद्दे कॉमेंट्स मिले। तब उन्होंने सोचना शुरू किया कि उनके पार्टन, जो फोटो में शर्टलेस थे, उससे किसी को कोई दिक्कत नहीं थी। उन्हें धमकियां तक दी गईं। उन्होंने उसके जवाब में बिकिनी में फोटो पोस्ट किया। वह कहती हैं, 'जितने आप रिग्रेसिव कॉमेंट्स पर ध्यान देंगे, उतनी ही आजादी जकड़ती जाएगी। यह मेरा शरीर है और मुझे जो न करे वह पहनने का अधिकार है।' 

उन्होंने अपनी पहली फिल्म 'एका' में इंटरसेक्स व्यक्ति की भूमिका निभाई। फिल्म में उन्होंने न्यूड सीन्स भी किए हैं। वह बताती हैं कि उन्हें उन सीन्स में नैचरल महसूस हुआ था। उन्हें सहज महसूस कराने के लिए फिल्म के क्रू ने भी कपड़े उतार दिए थे। फिल्म उन लोगों के बारे में है जिनके जेनाइटल्स जीन्स में खराबी या हॉर्मोन की वजह से न महिला के होते हैं और न पुरुष के। सबरीमाला विवाद के बाद उनके घर पर हमला हुआ है। हमलावरों को पकड़ लिया गया है।