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CBSE स्कूलों की मर्जी के खिलाफ मोदी सरकार का बड़ा फैसला

Date : 2018-10-19 01:00:00 PM

नई दिल्ली//(19-10-2018)-केंद्र सरकार ने सीबीएसई से मान्या प्राप्त स्कूलों को आदेश देकर कहा है कि छात्रों के अभिभावक को किस दुकान से किताब, कॉपी या स्कूल ड्रेस खरीदना है इसके लिये स्कूल अब बाध्य नहीं कर सकते। अब अभिभावक किसी भी स्टोर से कॉपी किताब और स्कूल यूनिफॉर्म खरीद सकते हैं। इतना नहीं केंद्र सरकार ने स्कूलों द्वारा अपारदर्शी तरीके से मनमाने फीस वसूले जाने पर नकेल कसने का फैसला किया है। अब स्कूलों को छात्रों से लिये जाने वाले फीस को ऑनलाइन डिस्कलोज करना होगा। स्कूलों को अब फीस और खर्च दोनों ही ऑनलाइन बताना होगा।आज मानव संसधान मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉंफ्रेंस कर बताया कि, ” स्कूल फीस स्पष्ट होना चाहिये इसमें कोई हिडन कॉस्ट नहीं होना चाहिये। सबकुछ पारदर्शी और ऑनलाइन होना चाहिये।” प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि एनसीआरटी के 6 करोड़ किताब अब छाप रहे है जो पहले 2 करोड़ के मुकाबले तीन गुणा ज्यादा है। उन्होंने बताया कि किताबों के माध्यम से जो शोषण होता था वो अब धीरे धीरे खत्म हो रहा है। मद्रास हाई कोर्ट के यूनिफॉर्म और एनसीआरटी करिकुलम को लागू करने के आर्डर पर उन्होंने बताया कि इसपर कानूनी सलाह ली जा रही है।



स्कूलों द्वारा आर्थिक रुप से पिछड़े वर्ग के छात्रों को दाखिला देने में अनदेखी के सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि, उनके पास ऐसी कई शिकायतें आई है। उन्होंने कहा कि, ये एक मामला गंभीर है, सरकार ने इस बात को संज्ञान में लिया है, और उन स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी।प्रकाश जावड़ेकर ने ऐलान किया कि सीबीएसई स्कूलों में खेल को अब अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं सीबीएसई ने स्कूल को मान्यता देने के नियमों में बदलाव किया है। राज्य सरकार के स्कूल को मान्यता देने के बाद सीबीएसई दोबारा उसका निरीक्षण नहीं करेगी। सीबीएसई केवल लर्निंग प्रोसेस और क्वालिटी आउटकम देखेगा, जबकि स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी राज्य सरकार के जिम्मे रहेगा। मान्यता देने की पूरी प्रक्रिया अब आनलाइन होगी। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सीबीएसई द्वारा स्कूलों को मान्यता देने के लिये इस साल 8000 आवेदन को मंजूरी किया गया है जो पिछले दस साल से लंबित पड़ा था।