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पिछले 4 साल में 7 एयरपोर्ट बने कि 35, आप खुद ही तय कीजिए

Date : 2018-09-25 06:18:00 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम में सामरिक दृष्टि के महत्वपूर्ण पाक्योंग एयरपोर्ट का उद्घाटन करते हुए अपनी मशहूर पंक्तियों को दोहराया कि आज उनकी सरकार की बदौलत चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज में सफर का आनंद उठा रहा है। इसी क्रम में पीएमअो ने ट्विट किया कि आजादी के बाद 67 सालों में 65 एयरपोर्ट बने जबकि पिछले चार साल में 35 एयरपोर्ट चालू हुए और अब उनकी संख्या 100 पहुंच गई है। यानी पिछली सरकारों में हर साल एक एयरपोर्ट भी नहीं बना जबकि उनकी सरकार में हर साल नौ हवाईअड्डे चालू हुए।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार साल में सात एयरपोर्ट चालू हुए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय यानी सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के 2017-18 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) के पास 129 हवाईअड्डे हैं। इनमें से 23 अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं जबकि 78 घरेलू उड़ानों के लिए हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के एयरफील्ड में 20 सिविल एनक्लेव भी हैं जिन्हें उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।


लोकसभा में 19 जुलाई, 2018 और 8 अगस्त, 2018 को दिए गए जवाब के अनुसार 129 हवाईअड्डों में से 101 चालू हालत में हैं जबकि 28 बंद पड़े हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की 2013-14 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार देश में 31 मार्च, 2014 तक के आंकड़ों के मुताबिक एएआइ के पास 125 हवाईअड्डे थे। इनमें से 94 चालू हालत में थे और 31 बंद पड़े थे। चालू हालत वाले एयरपोर्ट में सिविल एनक्लेव भी शामिल हैं। जाहिर है कि पिछले चार साल में सात हवाईअड्डे चालू किए गए हैं।सिक्किम के पाक्योंग हवाईअड्डे को भी 2008 में ही मंजूरी दी गई थी और 21 जुलाई, 2014 को लोकसभा में सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार 2014 में इस एयरपोर्ट का 83 फीसदी काम पूरा हो गया था। इस जवाब में सरकार ने कहा था कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के आंदोलन, प्राकृतिक आपदा और मैटीरियल को साइट तक पहुंचाने में दिक्कतों के कारण यह प्रोजेक्ट 50 महीने की देरी से चल रहा है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक देश भर में कुल 486 एयरपोर्ट हैं। इनमें कई एयरपोर्ट चालू हालत में नहीं है, जबकि कई हवाईअड्डों का इस्तेमाल सेना करती है। बता दें कि सरकार ने उड़ान (उड़े देर का आम नागरिक) योजना के तहत छोटे शहरों को वायु सेवा से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसके तहत बंद पड़ी हवाई पट्टियों और सेना के एयरबेस का इस्तेमाल नागरिक उड़ानों के लिए किया जाना है।