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कड़ी मशक्‍कत के बाद फ्रांस के जहाज ओसाइरिस की मदद से बचाए गए इंडियन नेवी कमांडर अभिलाष टोमी

Date : 2018-09-24 03:04:00 PM

पर्थ : भारतीय जल सेना के कमांडर अभिलाष टोमी को बचा लिया गया है। हालांकि बीते रवीवार को ही राक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया था कि जल सेना के अधिकारी को जल्द बचा लिया जाएगा। इससे संबंधित उन्होंने एक बयान भी जारी किया था। आपको बता दें कि इंडियन नेवी कमांडर अभिलाष, ग्‍लोडन ग्‍लोब रेस में भारत का प्रतिनिधित्‍व कर रहे थे।अभिलाष को फ्रांस के जहाज ओसाइरिस की मदद से बचाया गया है और वह पूरी तरह से होश में हैं। कमांडर टोमी के जहाज का नाम थूरिया है जो एक तूफान की वजह से अस्‍त व्‍यस्‍त हो गया और इसकी वजह से टोमी को पीठ में गंभीर चोट आ गई थी। टोमी को हिंद महासागर के दक्षिण में बचाया गया है। यह जगह ऑस्‍ट्रेलिया के पर्थ से करीब 1900 नॉटिकल मील या 3,000 किलोमीटर की दूरी पर है तो केप कोमोरिन से इसकी दूरी करीब 2700 किलोमीटर की है।इस सफलता के लिए रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रविवार को बताया गया था कि कमांडर टोमी को बचाने के सारे प्रयास जारी हैं और अगले 16 घंटे में उन्‍हें बचा लिया जाएगा। कैनबरा स्थित ऑस्‍ट्रेलियन रेस्‍क्‍यू को-ऑर्डिनेशन सेंटर रेस्‍क्‍यू मिशन ने भी उन्‍हें बचाने में मदद की। इस रेस्‍क्‍यू में इंडियन नेवी और ऑस्‍ट्रेलियन डिफेंस डिपार्टमेंट ने बड़ी भूमिका निभाई है। नेवी की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि पी-8आई एयरक्राफ्ट ने रविवार को सुबह 7:50 मिनट पर एसवी थूरिया का पता लगाया था। इंडियन नेवी के सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि पी-8आई की वजह से ऑस्‍ट्रेलिया एमआरसीसी को बड़ा क्‍लू मिला और उसने थूरिया के बारे में कई जानकारियां हासिल की। भारत की ओर से आईएनएस सतपुड़ा को रवाना किया गया है। इंडियन नेवी ऑस्‍ट्रेलिया के रीजनल मैरीटाइम रेस्‍क्‍यू को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एमआरसीसी) के साथ मिलकर मिशन में लगी हुई है।आईएनएस सतपुड़ा के अलावा एक चेतक हेलीकॉप्‍टर और टैंकर आईएनएन ज्‍योति भी भेजा गया है। बयान के मुताबिक कमांडर अभिलाष टोमी की ओर से मैसेज भेजा गया था और इस मैसेज से पता लगता है कि कमांडर सुरक्षित हैं लेकिन पीठ की चोट की वजह से चल नहीं पा रहे हैं।